Shikha Madam Ka Youvan Aakarshan Aag Lagane Laga

Hindi Sex Story हैलो दोस्तों , मैं राहुल ,उम्र २० वर्ष तो कद ६’० फीट ,चौड़ी छाती तो लंड ६-७ इंच लंबी वो भी पूर्णतः खड़ा होने पर और अब तो चुदाई का अनुभव भी लगभग दो वर्षों का है तो मेरे से मेरी बड़ी बहन प्रियंका चुदाई फिर मम्मी निशा ,तो बुआ सुनयना को उनके ही घर में चोदा और पड़ोस की आंटी शीला भी मेरे साथ मौज मस्ती की और सबसे आखिरी में ट्रेन में एक शादशुदा औरत राखी ,तो राहुल को अब मुठ मारने की जरूरत नहीं होती है और चारदीवारी के भीतर ही अपने तन को शांत करने के लिए कभी दीदी तो कभी मम्मी को चोद लेता हूं और सबसे अच्छी बात ये है कि मॉम और बेटी भी एक दूसरे की चुदाई के बारे में जान चुकी है वो भी मेरे साथ । Shikha Madam Ka Youvan Aakarshan Aag Lagane Laga.

कॉलेज में दाखिला लिए एक साल हो चुके थे तो बी ए (द्वितीय वर्ष)में कुछ लड़कियों से दोस्ती हो गई लेकिन आकर्षण के केंद्र में हमारी एक लेक्चरर शिखा शर्मा ही थी ,जोकि शायद तलाक शुदा जीवन ब्यतित कर रही थी ,उम्र तो उनका ३१-३२ साल का होगा और कद ५’४ फिट लेकिन उनके सांवले चेहरे के साथ नशीली आंखें मुझे काफी रिझाती थी ,वो अक्सर ऑटो रिक्शा से ही कॉलेज आया करती थी ।एक शाम कॉलेज से क्लास करके घर की ओर निकल ही रहा था कि मेन गेट पर मैडम दिख गई ,देखकर स्माइल दी तो मैं उनकी ओर बाईक मोड़ लिया और उनके पास रुककर पूछा “जी मैडम , ऑटो रिक्शा का इंतजार कर रही हैं (तो वो बोली)हां ,वैसे तुम्हारा घर किधर है (मैं)जी पनकी में रहता हूं ,बोलिए तो आपको घर छोड़ दूं (वो मुस्कुराई)लेकिन मैं तो गोविंदपुरी में रहती हूं ,फिर तुम्हे लंबी दूरी तय करनी होगी (मैं)मैडम , मैं आपका शिष्य हूं ,तो फिर आदेश सर आंखों पर “तो शिखा शर्मा मेरे बाईक के पीछे बैठ गई ,साड़ी और फूल बाहों वाली ब्लाऊज पहन रखी थी.

तो अपने दोनों पैर एक ही दिशा में किए मुझसे थोड़ी दूरी बनाए
लेकिन कंधे पर हाथ रखे वो बैठी थी तो मैं आराम से बाईक चला रहा था जबकि मेरी नजर
क्लास में उनके चूचियों और रसीले ओंठो पर टिकी रहती थी तो उनके छुपे रत्न चाहे चुत
हो या चूतड़ को नग्न देखना मेरे लिए सिर्फ एक कल्पना ही था तो उनकी टाईट गोल चूतड़
उनके बलखाती चाल के साथ उनकी स्प्रिंग की तरह कंपन से आपस में टकराती थी । खैर
मैडम को उनके घर के सामने छोड़ा तो शिखा मैडम “चलो कम से कम एक चाय पी लो फिर
जाना “तो मैं जानबूझकर उनकी बात को नकार दिया फिर घर चला गया ,रात को शिखा की सुडौल बदन को याद करता हुआ सो गया
तो अगले दिन उनके क्लास में उनकी नजर कुछ खास ही मुझ पर टिक रही थी और मैं एक
स्मार्ट लड़के की तरह जींस और शर्ट पहन रखा था ।

आज उनका क्लास दिन का आखिरी ही था तो सारे लोग क्लास से निकल गए
फिर मैं निकला तो देखा कि मैडम स्टाफ रूम की ओर जाते समय बार बार पीछे की ओर मुड़
रही है और आखिर में वो इशारे से मुझे बुलाई तो मैं शिखा की और चला गया “जी
मैडम (वो थोड़ा दबी आवाज में)घर जाओगे ना तो मुझे भी घर ड्रॉप कर देना (मैं)जी मैं
पार्किंग स्थल पर आपका इंतजार कर रहा हूं “तो वो तेजी से स्टाफ रूम की ओर चली
गई और मैं पार्किंग स्थल की ओर ,वहां अपने बाईक
के डिक्की में छोटा सा बैग को रखा फिर शिखा मैडम का इंतजार करने लगा । कुछ देर बाद
मैडम आई और फिर दोनों बाईक से निकल पड़े लेकिन आज कॉलेज परिसर से निकलते ही वो
मेरे करीब खिसक गई और अपने दाईं चूची को मेरे पीठ से रगड़ने लगी तो उसके एक कंधे
में पर्स टंगा हुआ था तो उसके एक हाथ मेरी कमर को पकड़ रखी थी ,शायद शिखा मैडम मुझे अपनी ओर आकर्षित करने में
लगी हुई थी तो ये बता दूं कि वो मेरे नजर को भांप चुकी थी.

पिछले दो महीने का क्लास उनको घूरने में ही निकल गया तो मैं शिखा मैडम के घर के बाहर उनको ड्रॉप करके वापस घर जाने को ही तैयार था फिर मैडम बोली “चलो चाय पीकर जाना (मैं)मैडम काफी लेट हो चुका हूं (वो मुस्कराने लगी)अभी शाम के ०३:५० हो रहे हैं और तुम कोई बच्चा तो हो नहीं की घर वाले परेशान हो जाएंगे “तो मैं उनके अपार्टमेंट के परिसर में बाईक लगाकर उनके साथ उनके फ्लैट की ओर जाने लगा ,फिर शिखा मैडम अपने फ्लैट का दरवाजा चाभी से खोली “आओ अंदर (मैं उनके डायनिंग हॉल में घुसा)बैठो मैं तुरन्त आती हूं “तो वो अपने रूम चली गई जोकि डायनिंग हॉल से लगी हुई और जहां मैं बैठा हुआ था उसके सीधे थी ,तो मैडम पर्दा को ठीक करके अपने रूम घुसी लेकिन पर्दा ठीक तरह से पूरे दरवाजा को ढक नहीं रही थी तो मैं उनके रूम के अंदर का थोड़ा नजारा देख पा रहा था ।

डायनिंग हाॅल में सोफ़ा पर बैठे मेरी नजर मैडम के कमरे के अंदर
थी तो अब मुझे शिखा का बदन दिखने लगा ,तकरीबन
१४-१५ फीट की दूरी से मैं शिखा के जिस्म का पिछला हिस्सा देख पा रहा था ,मैडम शायद अपने ड्रेस बदल रही थी तो मुझे उनकी
चूतड़ के उपर काले रंग कि पेटीकोट का दीदार हुआ और अब मैं थोड़ा बेचैन हो उठा ,मैडम के पीठ के नग्न हिस्से से लेकर डनलप सामान
गान्ड की गोलाई का दर्शन कर रहा था तो मन तड़प उठा।राहुल अब साहस करके उठा और धीरे
से रूम के दरवाजे के पास जाकर खड़ा हो गया ,पर्दा
के पीछे से रूम के अंदर झांककर मजा लेने लगा और तभी मैडम एक बार पीछे मुड़कर देखी
लेकिन पर्दा का दरवाजा पर ठीक से ना होना महज संयोग था कि उनकी जानबूझकर की गई
हरकत ,मुझे पता नहीं।

राहुल का दिमाग सनन रह गया ,शिखा
के हाथ को ज्योही उसके साया के नाड़ा पर देखा समझ गया कि वो अब मुझे चूतड़ का
दर्शन कराने वाली है और पल भर में मैडम का पेटीकोट जमीन पर था तो उनकी गोल टाईट
चूतड़ को देख लंड टन टना उठा पर मैडम की चूतड़ पर काले रंग की हाफ साईज पैंटी भी
थी और अब मुझे उनके छाती यानी चूची के भाग को देखने का इंतजार था ।क्या मेरी
लेक्चरर शिखा शर्मा जानबूझकर मुझे रिझा रही है या वो मेरे नजर से अनजान हैं ,तभी मैडम ब्लाऊज के डोरी को पीठ पर से खोला तो
गोल मोटे बाहों से ब्लाऊज को निकालने लगी और मैं छुपकर मैडम के सेक्सी फिगर को देख
रहा था ,अब वो सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी तो
पीछे की ओर मुड़ी फिर वो अपने रूम से बाहर की ओर आने लगी तो मैं पकड़ा ना जाऊं इस
डर से सोफ़ा पर जाकर बैठ गया ।

अभी सोफ़ा पर आकर बैठा ही था कि शिखा अर्धनग्न रूप में मेरी और आने लगी और मैं “मैडम ये क्या ,आप प्लीज़ जाकर अपना ड्रेस पहन लीजिए (मेरे सामने दोनों जांघों को फैलाकर खड़ी हो गई)राहुल ,पर्दा के पीछे से अपनी मैडम को घूरने में कोई ऐतराज नहीं और खुद सामने आकर खड़ी हूं तो “तो मैं अब अपना सब्र खो दिया ,मैडम किसी हाई फाई कॉल गर्ल की तरह अपने दोनों पैर को फैलाकर खड़ी थी तो उसकी एक पैर सोफ़ा के किनारे थी और मैं अब उनके चुत की ओर देखा तो पैंटी पर जो इमेज बना हुआ था बिल्कुल ही फूली हुई आईटम की तरह ,यों कहिए मेंढ़क समान फूली हुई चुत और अब मैडम – शिष्य संबंध जल्द ही चुत और लंड के संबंध में बदलने वाली थी । मैं शिखा के कमर पर हाथ फेरता हुआ अपना चेहरा उनकी जांघों के बीच किया ,अब पैंटी पर से ही चुत को चूमने लगा.

तो वो मेरे बाल पर हाथ फेरते हुए “उह आह राहुल कुछ करो ना
प्लीज़ (मैं पैंटी की डोरी खोलकर चुत को नंगा किया) बहुत कुछ करूंगा डार्लिंग (वो
थोड़ा झेंप सी गई)ठीक है कम बोलो “और मैडम की चुत के गुलाबी फांक को देखता
हुआ उसको ओंठ से किस्स करने लगा तो औरत हो या लड़की ,उसका सबसे मुलायम हिस्सा बदन का होता है और उसपर
चुम्बन उसे तुरन्त ही कामुक बना देती है । मैं सोफ़ा पर बैठे बैठे शिखा के चुत को
चूमने लगा लेकिन यहां तो लंड महाराज दहाड़ मार रहे थे ,तुरन्त बैठे बैठे अपना जींस खोलकर रखा और फिर
शर्ट को ,तो शिखा मुझे देख मुस्कुराई
“अपना औजार क्यों छुपा रखे हो (मैं कच्छा को खोल कर लंड नग्न किया )ये देखिए
मेरी मैडम “तो शिखा का खड़ा होने का अंदाज़ बिल्कुल ही किसी लेडी एस्कॉर्ट कि
तरह था.

और मैं उसकी बुर के फांक को अलग किया ,फिर अपना चेहरा उसके जांघों के बीच लगाकर जीभ से चुत चाटने लगा और वो मेरे जांघ पर ही एक पैर रखकर रगड़ने लगी ।मैडम कॉलेज में अपनी सादगी के लिए जानी जाती थी तो उनकी कामुकता मुझे खुश कर रही थी और उनके चुत के छेद में जीभ पेलकर मैं उसे चाट रहा था ,ये बुर आपलोग के लिए मूत्र का रास्ता होगा लेकिन मेरे लिए सेक्स कि भूख बस चुत साफ सुथरी होनी चाहिए तो मेरा जीभ लपलप उसकी बुर को चाटने लगा और मैडम मेरे सर पर हाथ लगाए “उह आह ओह जरा चूस भी दो ना”तो मैं शिखा की चुत के फांक को मुंह में लेकर चूसने लगा और उसकी पैर में कंपन था तो वो आहें भर रही थी ।पल भर के बाद शिखा मेरे चेहरे को पीछे धकेल कर अपने चुत को स्वतंत्र की तो मैं अब उनके सामने खड़ा हुआ. “Shikha Madam Ka Youvan”

और उनको बाहों में लेकर चूमने लगा ,मैडम बेशर्म की तरह मेरे ओंठ पर किस्स करने लगी तो दोनों एक दूसरे से लिपटकर खड़े थे ,मेरा हाथ उसके चूतड़ पर घूम रहा था तो पल भर के लिए वो मेरे ओंठ को मुंह में लेकर चूसने लगी ,फिर सेक्स कि भूख बढ़ने लगी तो मेरा हाथ उनके पीठ को सहलाते हुए अब गर्दन को चूमने लगा ।शिखा और राहुल दोनों के बदन पर सिर्फ़ ब्रा/बनियान ही थे तो उसकी गोल मुलायम चूचियों का दबाव मेरी छाती को मिल रही थी फिर मैडम एक कदम आगे बढ़ते हुए मेरे ओंठ पर अपने जीभ को फेरने लगी तो मैं उसके जीभ को मुंह में लेकर चूसता हुआ उनके चूतड़ की गोलाई को सहला रहा था ,मुझे उम्मीद तक नहीं थी कि मेरी मैडम मेरे साथ सहवास सुख का आनंद लेगी तो मैं शिखा के जीभ चुभ्लाने लगा लेकिन मेरी उंगली उसकी चुत को सहला रहा था.

उसकी गान्ड के पीछे की ओर से उंगली बुर को रगड़ते हुए छेद में चली गई तो मैं चुत कुरेदता हुआ उसके जीभ को चूसता रहा ,पल भर बाद मैडम मेरे सर को पीछे करके जीभ निकाल ली तो मैं उनकी बुर से उंगली निकाल कर उनके ब्रा की हुक को खोल दिया। शिखा पूर्णतः नग्न खड़ी थी तो मेरा लंड पूरी तरह से टाईट हो चुका था और मैडम मुझे हल्के से हाथ से पीछे की ओर धकेल दी तो मैं सोफ़ा पर गिर गया और वो मोहक अदा के साथ मेरे सामने जमीन पर बैठकर लंड पकड़ ली ,देखते हुए लंड सहलाने लगी “वाकई काफी कड़ा और उम्र के हिसाब से बड़ा है (मैं उसकी चूची को मसलने लगा)हां मैडम सब आपका ही आशीर्वाद है ,जरा चूम तो लीजिए”तो मैडम लंड का चमड़ा छिलकर उसके सुपाड़ा पर जीभ फेरने लगी तो मैं उनके मुलायम और टाईट चूची को जोर जोर से दबाने लगा ,वो धीरे धीरे मुंह खोलकर पूरा लंड मुंह में लेकर चूसने लगी तो उनके चाय का आमंत्रण मुझे काफी आनंद दे रहा था. “Shikha Madam Ka Youvan”

और मैं अब अपने लंड को मुंह में ही टाईट होने का एहसास पाने
लगा। शिखा
शादीशुदा औरत थी तो उसकी जवानी का रस पीने को मैं आतुर था और वो जरूर ६-७ साल अपने
पति से चुदाई करवाई होगी तो सेक्स में अनुभव की कमी नहीं थी ,तभी वो अपने सर का झटका देते हुए मुखमैथुन करने
लगी और मैं “उह आह ओह सेक्सी लेडी मैडम ओह बहुत आनंद आ रहा है चाय पीने में
(वो बेशर्म की तरह मेरे लंड को मुंह से बाहर निकाल दी)जरूर दूध भी पी लेना साले
“और वो अपने लंबे से जीभ लंड पर फेरकर चाटने लगी तो मैं अब मैडम की चुदाई को
लेकर उत्सुक था ,जीवन का ये छठा चुत जिसको चाट कर ही
स्वाद समझ चुका था तो मैं अब सोफ़ा पर से उठकर वाशरूम चला गया ,फ्रेश होकर वापस आया तो मैडम सोफ़ा पर बैठकर मुझे
घुर रही थी और मैं उनके बगल में बैठा फिर उनके चूची को पकड़ दबाने लगा ।शिखा काफी
सेक्सी थी तो उसके जिस्म का हर हिस्सा नंगा था.

और मैं उसके चूची को सहलाता हुआ अपना चेहरा चूची के सामने किया फिर मुंह खोला तो मैडम मेरे मुंह में चूची घुसा दी और मैं किसी बच्चे की तरह उनका दूध पीता हुआ मस्त था तो हाथ उनके जांघ पर घूमने लगी और शिखा मेरे लंड को पकड़कर सहलाने लगी “उह ओह आह राहुल अब और नहीं ,चुत में काफी खुजली हो रही है (मैं चूची को छोड़कर दूसरा चूची मुंह में भरने लगा)अरे जानू तेरा तो जिस्म काफी सेक्सी है “फिर मैं उसकी दाईं चूची चूसता हुआ जांघ सहला रहा था ।मैडम शिखा की लंबी जुल्फें उनकी खुसुरती पर मानो चार चांद लगा रही हो और कुछ देर में मैं उनकी चूची को छोड़कर वाशरूम गया ,मूतने के बाद फ्रेश होकर डायनिंग हॉल आया तो मैडम फ्रेश होने गई फिर मैं सोच रहा था कि किस स्टाइल में इस जवानी को चोदा जाय ,वैसे डॉगी स्टाइल में पूरा लंड चुत में घुस पाता था तो घोड़ी को चोदने का मजा ही अलग था और लेटकर औरत चुदाई करवाए ,इसमें एक अलग आनंद आता है खासकर जब वो अपने चूतड़ को उछालती है । “Shikha Madam Ka Youvan”

शिखा अपने छाती से टावेल लपेटे अपने चूची से लेकर कमर और जांघों
के बीच का चुत छुपा रही थी लेकिन मुझे मालूम है कि वो खुद चुदवाने को तड़प उठेगी ,आकर सीधे मेरे गोद में बैठ गई तो उसके गोल
गुंबदाकार चूतड़ मेरे लंड के उपर था और मैं उसके ओंठ को चूमकर पूछा “क्या
डार्लिंग गोद में बैठकर चुदोगी (वो शर्माकर अपने चेहरा को मेरे कंधे पर रख दी)बहुत
अरसा बाद चुद्वाऊंगी सो आराम से (मैं)ठीक है फिर चलो बेड पर”दोनों उसके रूम
घुस गए और फिर मैं शिखा को बेड पर डॉगी स्टाइल में करके उसके चूतड के पास बैठा तो
उसके टावेल को खींचकर उसको नंगा कर दिया ,अब
उसके गोरे चूतड़ को किस्स करने लगा तो वो खुद अपने पैर को फैलाकर चुत चमका रही थी
। मैं उसके चुत को थोड़ा अपने लंड के सीध में किया फिर लंड थामे चुत पर लगाया ,उसके चुत का रस निकल रहा था.

तो मेरे जैसा चुत चाटने वाला भला कैसे उसकी बुर को नहीं चाटता ,तो मैं उसके चुत को चूतड़ की ओर से ही चाटने लगा वैसे भी बुर कि फांक फ्लक चुकी थी और मेरा जीभ उसकी चुत को चाटने लगा तो बुर में मेरा लंबा सा जीभ उसके रस को चाटने लगा।शिखा पीछे मुड़कर मुझे देखने लगी फिर बोली “हुआ अब तो रस भी चाट लिए (मैं उसकी बुर के सामने लंड पकड़े बैठा) जरूर रानी अब तो बस यही होना बाकी है “तो मेरा लंड सहित सुपाड़ा उसकी रसीली चुत में था तो थोड़ा सा लंड बाहर की ओर खींचते हुए मैं उसके कमर को थामा फिर एक जोर का झटका बुर में दे दिया तो शिखा चिहुंक उठी “उई मां मर गई रे जरा धीरे “तो मैं क्या कोई भी ऐसी माल को चोदने से बाज नहीं आता और फिर मै शिखा मैडम को तेजी से चोदता हुआ उसके सीने से लटकते स्तन को पकड़ दबाने लगा. “Shikha Madam Ka Youvan”

तो वो आहें भर रही थी ,धीरे धीरे मैडम भी अपने चूतड़ को हिलाने लगी तो मैं उसकी रसीली चुत में तेज गति से लंड पेलता हुआ चुदाई करने में लीन था “उह आह ओह और तेज तेज चोदो राहुल भूल जाओ की मैं तेरी मैडम हूं (मैं पूरे गति से चुदाई करता रहा)जरूर साली अभी तो शुरू ही हुआ है जबतक तेरी चुत पूरी तरह से गरम नहीं हो जाती तबतक लंड वीर्य फेंकने वाली नहीं है ,जरा तेज गति से चूतड़ हिलाओ “तो शिखा अपने चूतड़ को जोर जोर से हिलाने लगी और मैं उसके कमर को पकड़ सिर्फ बैठा रहा ,खुद को थोड़ा आराम देने लगा तो वो खुद ही मेरे ७-८ इंच लंबे लंड से चुदवाने लगी ,ये वक़्त किसी भी मर्द और औरत के लिए काफी उतेजना भरा होता है तो अब शिखा की चुत का रस गायब हो चुका था.

वो चूतड़ हिला डुलाकर हांफने लगी तो मैं अब अपना लंड उसकी चुत से निकला फिर वो चित होकर बेड पर लेट गई तो मैं उसकी चुत पर थूक दिया फिर हाथ से बुर को सहलाने लगा।शिखा को अब फिर से चोदना था तो अंडकोष वीर्य से लबालब थे तो मैं वाशरूम जाकर मूतने लगा फिर फ्रेश होकर बेड पर आया ,शिखा के मोटे चिकने जांघों के बीच लंड पकड़े बैठा तो सुपाड़ा को छेद पर रखकर धीरे से अन्दर किया और फिर आराम से आधा लंड चुत में घुसा दिया ,अब उसकी कमर को पकड़े एक जोर का धक्का बुर पर दे मारा लेकिन वो चिल्लाने कि बजाय मुस्कुराने लगी तो मेरा लंड बुर को दे दनादन चोद रहा था और उसके लाल चेहरे से लेकर बंद आंखें उसकी ओर्गास्म को बता रही थी । “Shikha Madam Ka Youvan”

राहुल अब मैडम की तीव्र गति से चुदाई करने लगा ,लंड बुर कि गहराई को शायद छू पा रही थी तो शिखा अब अपने चूतड़ को तेजी से हिलाने लगी और मैं चोदता हुआ हांफने लगा ,बुर आग की भट्टी बन चुकी थी तो मुझे मेरे लंड कि औकात मालूम थी ,अब शिखा बोलने लगी ” उह आह ओह कितने दिनों के बाद आज चुदाई में इतना मजा आ रहा है ,अब रस पिला दो ना मेरी बुर को (मैं ५-७ तेज ठाप मारा)ये ले साली ले पिला ले अपने चुत को मेरा रस”फिर शिखा मेरे लंड को चूसकर विर्योपान कर ली ,तो दोनों फ्रेश हुए फिर मैं कुछ देर आराम किया और घर के लिए निकल पड़ा ।

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